Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.134.15-17h: राजन! युद्धस्थल में रथहीन खड़े हुए पुरुषोत्तम कर्ण को देखकर दुर्योधन ने अपने भाई दुर्मुख से कहा - 'दुर्मुख! इस राधानन्दन को कर्ण भीमसेन ने रथ से वंचित कर दिया है। इस महारथी को रथ प्रदान करो।' | mahabharat अध्याय 7.134: भीमसेन और कर्णका युद्ध, धृतराष्ट्रपुत्र दुर्मुखका वध तथा कर्णका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! युद्धस्थल में रथहीन खड़े हुए पुरुषोत्तम कर्ण को देखकर दुर्योधन ने अपने भाई दुर्मुख से कहा - 'दुर्मुख! इस राधानन्दन को कर्ण भीमसेन ने रथ से वंचित कर दिया है। इस महारथी को रथ प्रदान करो।'
Rajan! Seeing Karna, the best of men, standing without a chariot in the battlefield, Duryodhana said to his brother Durmukh – ‘Durmukh! This Radhanandan has been deprived of the chariot by Karna Bhimsen. Endow this great warrior with a chariot. 15-16 1/2"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥