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mahabharat 7.134.14-15h: वहाँ हमने राधानन्दन कर्ण का अद्भुत पराक्रम देखा। रथियों में श्रेष्ठ उस वीर योद्धा ने रथहीन होने पर भी अपने शत्रु को आगे नहीं बढ़ने दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.134: भीमसेन और कर्णका युद्ध, धृतराष्ट्रपुत्र दुर्मुखका वध तथा कर्णका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 134: भीमसेन और कर्णका युद्ध, धृतराष्ट्रपुत्र दुर्मुखका वध तथा कर्णका पलायन  »  श्लोक 14-15h
 
 
श्लोक  7.134.14-15h 
तत्राद्भुतमपश्याम राधेयस्य पराक्रमम्॥ १४॥
विरथो रथिनां श्रेष्ठो वारयामास यद् रिपुम्।
 
 
अनुवाद
वहाँ हमने राधानन्दन कर्ण का अद्भुत पराक्रम देखा। रथियों में श्रेष्ठ उस वीर योद्धा ने रथहीन होने पर भी अपने शत्रु को आगे नहीं बढ़ने दिया।
 
There we saw the amazing valour of Radhanandan Karna. That brave warrior, the best among charioteers, did not let his enemy advance even though he was without a chariot. 14 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)