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mahabharat 7.134.1: संजय कहते हैं - हे राजन! भीमसेन द्वारा पराजित तथा पूर्णतया रथहीन कर्ण ने दूसरे रथ पर बैठकर पाण्डुपुत्र भीमसेन को पुनः घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.134: भीमसेन और कर्णका युद्ध, धृतराष्ट्रपुत्र दुर्मुखका वध तथा कर्णका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 134: भीमसेन और कर्णका युद्ध, धृतराष्ट्रपुत्र दुर्मुखका वध तथा कर्णका पलायन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.134.1 
संजय उवाच
सर्वथा विरथ: कर्ण: पुनर्भीमेन निर्जित:।
रथमन्यं समास्थाय पुनर्विव्याध पाण्डवम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! भीमसेन द्वारा पराजित तथा पूर्णतया रथहीन कर्ण ने दूसरे रथ पर बैठकर पाण्डुपुत्र भीमसेन को पुनः घायल कर दिया।
 
Sanjaya says - O King! Karna, who was completely chariotless and defeated by Bhimasena, sitting on another chariot, pierced Pandu's son Bhimasena again.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)