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mahabharat 7.133.6: जब मैं यह सुनता हूँ कि युद्धभूमि में भयंकर कर्म करने वाले भीमसेन द्वारा कर्ण को बार-बार पराजित किया गया, तो मेरा मन मोह से भर जाता है।   |   mahabharat अध्याय 7.133: भीमसेन और कर्णका युद्ध, कर्णके सारथिसहित रथका विनाश तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुर्जयका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.133.6 
श्रुत्वा तु निर्जितं कर्णमसकृद् भीमकर्मणा।
भीमसेनेन समरे मोह आविशतीव माम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
जब मैं यह सुनता हूँ कि युद्धभूमि में भयंकर कर्म करने वाले भीमसेन द्वारा कर्ण को बार-बार पराजित किया गया, तो मेरा मन मोह से भर जाता है।
 
My mind is filled with fascination when I hear of Karna being defeated again and again by Bhimasena, who performed terrible deeds in the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)