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mahabharat 7.133.22-23: इन्द्र के वज्र के समान उस शक्ति को छोड़कर महाबली सूतनन्दन कर्ण ने बड़े जोर से गर्जना की। उस समय उस गर्जना को सुनकर आपके पुत्र अत्यन्त प्रसन्न हुए।   |   mahabharat अध्याय 7.133: भीमसेन और कर्णका युद्ध, कर्णके सारथिसहित रथका विनाश तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुर्जयका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 133: भीमसेन और कर्णका युद्ध, कर्णके सारथिसहित रथका विनाश तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुर्जयका वध  »  श्लोक 22-23
 
 
श्लोक  7.133.22-23 
शक्तिं विसृज्य राधेय: पुरंदर इवाशनिम्॥ २२॥
ननाद सुमहानादं बलवान् सूतनन्दन:।
तं च नादं तत: श्रुत्वा पुत्रास्ते हर्षिताऽभवन्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
इन्द्र के वज्र के समान उस शक्ति को छोड़कर महाबली सूतनन्दन कर्ण ने बड़े जोर से गर्जना की। उस समय उस गर्जना को सुनकर आपके पुत्र अत्यन्त प्रसन्न हुए।
 
Releasing that power like Indra's thunderbolt, the powerful Sutanandan Karna roared very loudly. At that time your sons became very happy on hearing that roar. 22-23.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)