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mahabharat 7.133.15: अतः हे संजय! युद्धभूमि के श्रेष्ठ योद्धा कर्ण और भीमसेन, जो एक-दूसरे को मारने की इच्छा रखते थे, युद्धभूमि में किस प्रकार लड़े, यह मुझे बताओ॥15॥   |   mahabharat अध्याय 7.133: भीमसेन और कर्णका युद्ध, कर्णके सारथिसहित रथका विनाश तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुर्जयका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 133: भीमसेन और कर्णका युद्ध, कर्णके सारथिसहित रथका विनाश तथा धृतराष्ट्रपुत्र दुर्जयका वध  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  7.133.15 
तस्मान्मे संजय ब्रूहि कर्णभीमौ यथा रणे।
अयुध्येतां युधि श्रेष्ठौ परस्परवधैषिणौ॥ १५॥
 
 
अनुवाद
अतः हे संजय! युद्धभूमि के श्रेष्ठ योद्धा कर्ण और भीमसेन, जो एक-दूसरे को मारने की इच्छा रखते थे, युद्धभूमि में किस प्रकार लड़े, यह मुझे बताओ॥15॥
 
Therefore, Sanjaya! Tell me how the best warriors of the battlefield, Karna and Bhimasena, who wanted to kill each other, fought in the battlefield.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)