Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.132.2: अथवा परशुरामजी का वह शिष्य, जो शिष्य के गुणों से संपन्न था, उनसे भी श्रेष्ठ था, फिर भी कुन्तीपुत्र भीमसेन ने उसे द्यूत में ही परास्त कर दिया॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 7.132: भीमसेन और कर्णका घोर युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तद्विशिष्टोऽपि वा कर्ण: शिष्य: शिष्यगुणैर्युत:।
कुन्तीपुत्रेण भीमेन निर्जित: स तु लीलया॥ २॥
अनुवाद
अथवा परशुरामजी का वह शिष्य, जो शिष्य के गुणों से संपन्न था, उनसे भी श्रेष्ठ था, फिर भी कुन्तीपुत्र भीमसेन ने उसे द्यूत में ही परास्त कर दिया॥ 2॥
Or that disciple of Parasurama, endowed with the virtues of a disciple, was even better than him, yet Bhimasena, the son of Kunti, defeated him even in a game.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥