श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 131: भीमसेनके द्वारा कर्णकी पराजय  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.131.3 
धृतराष्ट्र उवाच
यौ तौ कर्णश्च भीमश्च सम्प्रयुद्धौ महाबलौ।
अर्जुनस्य रथोपान्ते कीदृश: सोऽभवद् रण:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने पूछा - संजय! अर्जुन के रथ के पास जाकर बड़े वेग से लड़ने वाले महाबली कर्ण और भीमसेन का युद्ध कैसा हुआ?॥3॥
 
Dhritarashtra asked - Sanjay! How was the battle between the mighty Karna and Bhimasena, who went near Arjuna's chariot and fought with great vigor?॥ 3॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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