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mahabharat 7.130.9: ‘धनुर्वेद के आचार्य द्रोण युद्ध में किस प्रकार पराजित हुए, यह सब योद्धा कह रहे हैं। आपकी पराजय लोगों के लिए अविश्वसनीय हो गई है।॥9॥   |   mahabharat अध्याय 7.130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.130.9 
कथं द्रोणो जित: संख्ये धनुर्वेदस्य पारग:।
इत्येवं ब्रुवते योधा अश्रद्धेयमिदं तव॥ ९॥
 
 
अनुवाद
‘धनुर्वेद के आचार्य द्रोण युद्ध में किस प्रकार पराजित हुए, यह सब योद्धा कह रहे हैं। आपकी पराजय लोगों के लिए अविश्वसनीय हो गई है।॥9॥
 
‘All the warriors are saying how Drona, the master of Dhanurveda, was defeated in the war. Your defeat has become unbelievable for the people.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)