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mahabharat 7.130.40: घोड़े और सारथि के मारे जाने पर आपका पुत्र राजा दुर्योधन रथ से उतरा और हाथ में गदा लेकर पांचाल देश के उन दोनों वीरों की ओर दौड़ा।   |   mahabharat अध्याय 7.130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  7.130.40 
हताश्वसूतात् स रथादवतीर्य नराधिप:।
गदामादाय ते पुत्र: पाञ्चाल्यावभ्यधावत॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
घोड़े और सारथि के मारे जाने पर आपका पुत्र राजा दुर्योधन रथ से उतरा और हाथ में गदा लेकर पांचाल देश के उन दोनों वीरों की ओर दौड़ा।
 
After the horse and charioteer were killed, your son, King Duryodhana, alighted from the chariot and took his mace in his hand and ran towards those two heroes from Panchala country.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)