श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  7.130.39 
हयेषु पतितेष्वस्य चिच्छेद परमेषुणा।
युधामन्युर्धनु: शीघ्रं शरावापं च संयुगे॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
घोड़ों के गिर जाने पर युधामन्यु ने उस युद्धभूमि में श्रेष्ठ बाण चलाकर दुर्योधन के धनुष और तरकश को तुरन्त काट डाला।
 
After the horses felled, Yudhāmanyu, on that battlefield, shot the best arrow and quickly cut off Duryodhana's bow and quiver.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)