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mahabharat 7.130.36: महाराज! फिर दुर्योधन ने पांचालराज उत्तमौजा के चारों घोड़ों तथा दोनों रक्षकों को भी उनके सारथिओं सहित मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 7.130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  7.130.36 
दुर्योधनोऽपि राजेन्द्र पाञ्चाल्यस्योत्तमौजस:।
जघान चतुरोऽस्याश्वानुभौ तौ पार्ष्णिसारथी॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
महाराज! फिर दुर्योधन ने पांचालराज उत्तमौजा के चारों घोड़ों तथा दोनों रक्षकों को भी उनके सारथिओं सहित मार डाला।
 
King! Then Duryodhana also killed all the four horses and the two side guards of the Panchala King Uttamauja along with their charioteers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)