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mahabharat 7.130.33: इतना ही नहीं, उसने युधमन्यु के सारथि को भाले से मारकर रथ से नीचे गिरा दिया और उसके चारों घोड़ों को चार तीखे बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  7.130.33 
सारथिं चास्य भल्लेन रथनीडादपाहरत्।
ततोऽविध्यच्छरैस्तीक्ष्णैश्चतुर्भिश्चतुरो हयान्॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
इतना ही नहीं, उसने युधमन्यु के सारथि को भाले से मारकर रथ से नीचे गिरा दिया और उसके चारों घोड़ों को चार तीखे बाणों से घायल कर दिया।
 
Not only this, he also threw Yudhmanyu's charioteer down from the chariot by hitting him with a spear. Then he injured all his four horses with four sharp arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)