Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.130.32: तब आपके पुत्र दुर्योधन ने एक बाण से युधिष्ठिर का ध्वज काट डाला तथा दूसरे बाण से उनके धनुष के दो टुकड़े कर दिये।   |   mahabharat अध्याय 7.130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  7.130.32 
दुर्योधनो युधामन्योर्ध्वजमेकेषुणाच्छिनत्।
एकेन कार्मुकं चास्य चकर्त तनयस्तव॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
तब आपके पुत्र दुर्योधन ने एक बाण से युधिष्ठिर का ध्वज काट डाला तथा दूसरे बाण से उनके धनुष के दो टुकड़े कर दिये।
 
Then your son Duryodhana cut off Yudhishthira's flag with one arrow and broke his bow into two pieces with another arrow.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)