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mahabharat 7.130.31: युधमन्यु ने दुर्योधन को तीस कंकपात्र बाणों से घायल कर दिया, फिर बीस बाणों से उसके सारथि और चार घोड़ों को घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  7.130.31 
तमविध्यद् युधामन्युस्त्रिंशता कङ्कपत्रिभि:।
विंशत्या सारथिं चास्य चतुर्भिश्चतुरो हयान्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
युधमन्यु ने दुर्योधन को तीस कंकपात्र बाणों से घायल कर दिया, फिर बीस बाणों से उसके सारथि और चार घोड़ों को घायल कर दिया।
 
Yudhmanyu wounded Duryodhan with thirty arrows bearing Kankapatra. Then with twenty arrows he pierced his charioteer and four of his horses.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)