श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  7.130.30 
तावेनमभ्यद्रवतामुभावुद्यतकार्मुकौ।
महारथसमाख्यातौ क्षत्रियप्रवरौ युधि॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
वे दोनों ही प्रसिद्ध योद्धा और क्षत्रियों में श्रेष्ठ थे। दोनों ने धनुष उठाकर युद्धभूमि में दुर्योधन पर आक्रमण कर दिया।
 
Both of them were renowned warriors and were the best of the Kshatriyas. They both picked up their bows and attacked Duryodhan on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)