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mahabharat 7.130.27: महाराज! जब अर्जुन युद्ध करने की इच्छा से आपकी सेना में घुसे थे, उस समय (ये दोनों भीम के साथ थे, किन्तु) कृतवर्मा ने पहले ही इन्हें रोक दिया था॥27॥   |   mahabharat अध्याय 7.130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  7.130.27 
यौ तु पूर्वं महाराज वारितौ कृतवर्मणा।
प्रविष्टे त्वर्जुने राजंस्तव सैन्यं युयुत्सया॥ २७॥
 
 
अनुवाद
महाराज! जब अर्जुन युद्ध करने की इच्छा से आपकी सेना में घुसे थे, उस समय (ये दोनों भीम के साथ थे, किन्तु) कृतवर्मा ने पहले ही इन्हें रोक दिया था॥27॥
 
Maharaj! When Arjun entered your army with the desire to fight, at that time (these two were with Bhima, but) Kritavarman had stopped them first.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)