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mahabharat 7.130.26: अर्जुन के चक्र रक्षक पांचाल राजकुमार युधामन्यु और उत्तमौजा सेना के बाहरी भाग से गुजरते हुए सव्यसाची अर्जुन के पास आने लगे। 26॥   |   mahabharat अध्याय 7.130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  7.130.26 
चक्ररक्षौ तु पाञ्चाल्यौ युधामन्यूत्तमौजसौ।
बाह्येन सेनामभ्येत्य जग्मतु: सव्यसाचिनम्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन के चक्र रक्षक पांचाल राजकुमार युधामन्यु और उत्तमौजा सेना के बाहरी भाग से गुजरते हुए सव्यसाची अर्जुन के पास आने लगे। 26॥
 
Arjuna's Chakra guards Panchal Prince Yudhamanyu and Uttamauja, passing through the outer part of the army, Savyasachi started approaching Arjuna. 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)