श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  7.130.24 
इहैव त्वहमासिष्ये प्रेषयिष्यामि चापरान्।
निरोत्स्यामि च पञ्चालान् सहितान् पाण्डुसृञ्जयै:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
मैं यहीं रहूँगा और तुम्हारे पास अन्य रक्षकों को भेजता रहूँगा। मैं सृंजयों के साथ आए पाण्डवों और पांचालों को भी सेना में प्रवेश करने से रोक दूँगा।
 
I will stay here and keep sending other guards to you. I will also stop the Pandavas and the Panchalas who have come with the Srinjayas from entering the formation. 24.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)