Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.130.16: पिताश्री! जयद्रथ क्रोधित अर्जुन से भयभीत है। अतः वह हमारे लिए सर्वाधिक सुरक्षित है। महारथी सात्यकि और भीमसेन ने भी जयद्रथ पर निशाना साधा है। | mahabharat अध्याय 7.130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स नो रक्ष्यतमस्तात क्रुद्धाद् भीतो धनंजयात्।
गतौ च सैन्धवं भीमौ युयुधानवृकोदरौ॥ १६॥
अनुवाद
पिताश्री! जयद्रथ क्रोधित अर्जुन से भयभीत है। अतः वह हमारे लिए सर्वाधिक सुरक्षित है। महारथी सात्यकि और भीमसेन ने भी जयद्रथ पर निशाना साधा है।
Father! Jayadratha is afraid of the enraged Arjuna. Therefore, he is the most protected for us. The fierce warriors Satyaki and Bhimsen have also targeted Jayadratha. 16.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥