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mahabharat 7.130.12: ब्रह्मन्! इस समय सिन्धुराज की रक्षा के लिए जो कार्य हमारे सामने तत्काल करना आवश्यक है, उसे तुम भली-भाँति विचारकर शीघ्रतापूर्वक पूरा करो॥12॥   |   mahabharat अध्याय 7.130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.130.12 
यत् कृत्यं सिन्धुराजस्य प्राप्तकालमनन्तरम्।
तत् संविधीयतां क्षिप्रं साधु संचिन्त्य नो द्विज॥ १२॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्मन्! इस समय सिन्धुराज की रक्षा के लिए जो कार्य हमारे सामने तत्काल करना आवश्यक है, उसे तुम भली-भाँति विचारकर शीघ्रतापूर्वक पूरा करो॥12॥
 
Brahman! At this time, the task that needs to be done immediately in front of us for the protection of Sindhuraj, think carefully and complete it quickly. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)