श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 130: दुर्योधनका द्रोणाचार्यको उपालम्भ देना, द्रोणाचार्यका उसे द्यूतका परिणाम दिखाकर युद्धके लिये वापस भेजना और उसके साथ युधामन्यु तथा उत्तमौजाका युद्ध  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  7.130.11 
एवं गते तु कृत्येऽस्मिन् ब्रूहि यत् ते विवक्षितम्।
यद् गतं गतमेवेदं शेषं चिन्तय मानद॥ ११॥
 
 
अनुवाद
ऐसी स्थिति में कर्तव्य के विषय में आपकी क्या राय है, यह बताइए। मान्यवर! जो हो गया, सो हो गया। अब शेष कार्य के विषय में विचार कीजिए।॥11॥
 
‘Tell me what is your opinion regarding the duty in such a situation. Honorable! What has been done has been done. Now think about the remaining work.॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)