श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 13: अर्जुनका युधिष्ठिरको आश्वासन देना तथा युद्धमें द्रोणाचार्यका पराक्रम  »  श्लोक 6-7h
 
 
श्लोक  7.13.6-7h 
तच्चान्तरं महेष्वास त्वयि तेन समाहितम्।
स त्वमद्य महाबाहो युध्यस्व मदनन्तरम्॥ ६॥
यथा दुर्योधन: कामं नेमं द्रोणादवाप्नुयात्।
 
 
अनुवाद
महाधनुर्धर अर्जुन! यह भेद उन्होंने तुम पर ही डाला है। अतः हे महाबाहो! आज तुम मेरे पास रहकर युद्ध करो, जिससे दुर्योधन द्रोणाचार्य के द्वारा अपनी इच्छा पूरी न करवा सके।' 6 1/2
 
Mahadhanurdhar Arjun! He has put this difference on you only. Therefore, Mahabaho! Today you stay near me and fight, so that Duryodhan cannot get his wish fulfilled through Dronacharya.' 6 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)