vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 13: अर्जुनका युधिष्ठिरको आश्वासन देना तथा युद्धमें द्रोणाचार्यका पराक्रम
»
श्लोक 5
श्लोक
7.13.5
यथा तन्न भवेत् सत्यं तथा नीतिर्विधीयताम्।
सान्तरं हि प्रतिज्ञातं द्रोणेनामित्रकर्षिणा॥ ५॥
अनुवाद
अतः आप मुझे ऐसी नीति बताइये जिससे उनकी इच्छा पूरी न हो। शत्रुसूदन द्रोण ने कुछ दूरी रखकर प्रतिज्ञा की है॥5॥
‘Therefore you tell me such a policy that his wish does not come true. Shatrusudan Drona has made a vow keeping some distance.॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×