श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 13: अर्जुनका युधिष्ठिरको आश्वासन देना तथा युद्धमें द्रोणाचार्यका पराक्रम  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  7.13.5 
यथा तन्न भवेत् सत्यं तथा नीतिर्विधीयताम्।
सान्तरं हि प्रतिज्ञातं द्रोणेनामित्रकर्षिणा॥ ५॥
 
 
अनुवाद
अतः आप मुझे ऐसी नीति बताइये जिससे उनकी इच्छा पूरी न हो। शत्रुसूदन द्रोण ने कुछ दूरी रखकर प्रतिज्ञा की है॥5॥
 
‘Therefore you tell me such a policy that his wish does not come true. Shatrusudan Drona has made a vow keeping some distance.॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)