श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 13: अर्जुनका युधिष्ठिरको आश्वासन देना तथा युद्धमें द्रोणाचार्यका पराक्रम  »  श्लोक 3-4
 
 
श्लोक  7.13.3-4 
तत: सर्वान् समानाय्य भ्रातॄनन्यांश्च सर्वश:॥ ३॥
अब्रवीद् धर्मराजस्तु धनंजयमिदं वच:।
श्रुतं ते पुरुषव्याघ्र द्रोणस्याद्य चिकीर्षितम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
तब धर्मराज युधिष्ठिर ने अपने सभी भाइयों तथा अन्य राजाओं को सब ओर से बुलाकर अर्जुन से कहा - 'नरसिंह! तुमने सुन लिया होगा कि आज द्रोण क्या करना चाहते हैं ॥ 3-4॥
 
Then Dharmaraja Yudhishthira called all his brothers and other kings from all sides and said to Arjuna, 'Lion of men! You must have heard what Drona wants to do today.॥ 3-4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)