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mahabharat 7.13.21: इसी प्रकार आपके पुत्र की सेना के आक्रमण में कुशल उदार योद्धा पाण्डव सेना को पराजित न कर सके, क्योंकि किरीटधारी अर्जुन उसकी रक्षा कर रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 7.13: अर्जुनका युधिष्ठिरको आश्वासन देना तथा युद्धमें द्रोणाचार्यका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 13: अर्जुनका युधिष्ठिरको आश्वासन देना तथा युद्धमें द्रोणाचार्यका पराक्रम  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  7.13.21 
तथैव तव पुत्रस्य रथोदारा: प्रहारिण:।
न शेकु: पाण्डवीं सेनां पाल्यमानां किरीटिना॥ २१॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार आपके पुत्र की सेना के आक्रमण में कुशल उदार योद्धा पाण्डव सेना को पराजित न कर सके, क्योंकि किरीटधारी अर्जुन उसकी रक्षा कर रहे थे।
 
Similarly, the generous warriors of your son's army, who were skilled in attacking, could not defeat the Pandava army because the crown-wearing Arjuna was protecting it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)