श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 13: अर्जुनका युधिष्ठिरको आश्वासन देना तथा युद्धमें द्रोणाचार्यका पराक्रम  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.13.19 
तत: प्रववृते युद्धं तुमुलं लोमहर्षणम्।
पाण्डवानां कुरूणां च द्रोणपाञ्चाल्ययोरपि॥ १९॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् कौरवों और पाण्डवों के बीच तथा द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्न के बीच बड़ा ही रोमांचक और भयंकर युद्ध आरम्भ हो गया॥19॥
 
Thereafter a thrilling and fierce battle began between the Kauravas and the Pandavas and between Dronacharya and Dhrishtadyumna.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)