श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 13: अर्जुनका युधिष्ठिरको आश्वासन देना तथा युद्धमें द्रोणाचार्यका पराक्रम  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  7.13.18 
ततो व्यूढान्यनीकानि तव तेषां च भारत।
शनैरुपेयुरन्योन्यं योध्यमानानि संयुगे॥ १८॥
 
 
अनुवाद
भारत! तत्पश्चात् आपकी और उनकी सेनाएँ युद्ध के लिए पंक्तिबद्ध होकर धीरे-धीरे एक-दूसरे के निकट आने लगीं॥18॥
 
Bhaarat! Thereafter your and their armies arranged themselves in battle formation and slowly started approaching each other for the war.॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)