श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 13: अर्जुनका युधिष्ठिरको आश्वासन देना तथा युद्धमें द्रोणाचार्यका पराक्रम  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  7.13.17 
श्रुत्वा शङ्खस्य निर्घोषं पाण्डवस्य महौजस:।
त्वदीयेष्वप्यनीकेषु वादित्राण्यभिजघ्निरे॥ १७॥
 
 
अनुवाद
महाबली पाण्डुपुत्र युधिष्ठिर की सेना में शंख की ध्वनि सुनकर आपकी सेना में भी नाना प्रकार के बाजे बजने लगे ॥17॥
 
On hearing the sound of the conch in the army of the mighty son of Pandu, Yudhishthira, various musical instruments started playing in your army too. ॥17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)