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mahabharat 7.13.11-13h: राजेन्द्र! यदि वज्रधारी इन्द्र अथवा समस्त देवताओं सहित भगवान विष्णु भी युद्धभूमि में आकर दुर्योधन की सहायता करें, तो भी मेरे जीवित रहते वे तुम्हें नहीं पकड़ सकेंगे; अतः समस्त शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ द्रोणाचार्य से तुम्हें भय नहीं होना चाहिए। 11-12 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.13: अर्जुनका युधिष्ठिरको आश्वासन देना तथा युद्धमें द्रोणाचार्यका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 13: अर्जुनका युधिष्ठिरको आश्वासन देना तथा युद्धमें द्रोणाचार्यका पराक्रम  »  श्लोक 11-13h
 
 
श्लोक  7.13.11-13h 
यदि तस्य रणे साह्यं कुरुते वज्रभृत् स्वयम्॥ ११॥
विष्णुर्वा सहितो देवैर्न त्वां प्राप्स्यत्यसौ मृधे।
मयि जीवति राजेन्द्र न भयं कर्तुमर्हसि॥ १२॥
द्रोणादस्त्रभृतां श्रेष्ठात् सर्वशस्त्रभृतामपि।
 
 
अनुवाद
राजेन्द्र! यदि वज्रधारी इन्द्र अथवा समस्त देवताओं सहित भगवान विष्णु भी युद्धभूमि में आकर दुर्योधन की सहायता करें, तो भी मेरे जीवित रहते वे तुम्हें नहीं पकड़ सकेंगे; अतः समस्त शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ द्रोणाचार्य से तुम्हें भय नहीं होना चाहिए। 11-12 1/2॥
 
Rajendra! Even if Indra, wielding the thunderbolt, or Lord Vishnu, along with all the gods, come to the battlefield and help Duryodhana, he will not be able to catch you as long as I am alive; Therefore, you should not be afraid of Dronacharya, the best among all weapon-wielders. 11-12 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)