Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.13.10-11h: चाहे आकाश के तारे फट जाएं और पृथ्वी टुकड़े-टुकड़े हो जाए, फिर भी जब तक मैं जीवित हूं, द्रोणाचार्य तुम्हें नहीं पकड़ सकते; यह परम सत्य है। | mahabharat अध्याय 7.13: अर्जुनका युधिष्ठिरको आश्वासन देना तथा युद्धमें द्रोणाचार्यका पराक्रम । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
चाहे आकाश के तारे फट जाएं और पृथ्वी टुकड़े-टुकड़े हो जाए, फिर भी जब तक मैं जीवित हूं, द्रोणाचार्य तुम्हें नहीं पकड़ सकते; यह परम सत्य है।
Even if the sky with its stars burst apart and the earth breaks into pieces, Dronacharya cannot catch you as long as I am alive; this is an absolute truth. 10 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥