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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 129: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा कर्णकी पराजय
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श्लोक 4
श्लोक
7.129.4
रथं रथेन यो हन्यात् कुञ्जरं कुञ्जरेण च।
कस्तस्य समरे स्थाता साक्षादपि पुरंदर:॥ ४॥
अनुवाद
जो रथियों को रथों से और हाथियों को हाथियों से मार सकता है, उसके विरुद्ध कौन युद्ध कर सकता है, चाहे वह स्वयं इन्द्र ही क्यों न हो? ॥4॥
Who can fight against a valiant warrior who can kill chariots with chariots and elephants with elephants, even if it is Indra himself? ॥4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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