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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 129: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा कर्णकी पराजय
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श्लोक 37
श्लोक
7.129.37
स शङ्खबाणनिनदैर्हर्षाद् राजा स्ववाहिनीम्।
चक्रे युधिष्ठिर: संख्ये हर्षनादैश्च संकुलाम्॥ ३७॥
अनुवाद
इस युद्धभूमि में राजा युधिष्ठिर ने हर्षपूर्वक अपनी सेना को शंखों, बाणों तथा हर्षध्वनि से भर दिया।
In joy at this battle-field, King Yudhishthira filled his army with the sounds of conches and arrows and shouts of joy.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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