Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.129.31: तत्पश्चात् उसने पुनः सैकड़ों-हजारों बाणों द्वारा उस पर आक्रमण किया। महाधनुर्धर कर्ण के बाणों से पीड़ित होकर भीमसेन ने तुरन्त ही छुरे से उसके धनुष की डोरी काट दी। | mahabharat अध्याय 7.129: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा कर्णकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
चिक्षेप च पुनर्बाणान् शतशोऽथ सहस्रश:।
स शरैरर्दितस्तेन कर्णेन दृढधन्विना।
धनुर्ज्यामच्छिनत् तूर्णं भीमस्तस्य क्षुरेण ह॥ ३१॥
अनुवाद
तत्पश्चात् उसने पुनः सैकड़ों-हजारों बाणों द्वारा उस पर आक्रमण किया। महाधनुर्धर कर्ण के बाणों से पीड़ित होकर भीमसेन ने तुरन्त ही छुरे से उसके धनुष की डोरी काट दी।
Thereafter he again attacked him with hundreds and thousands of arrows. Suffering from the arrows of the strong archer Karna, Bhimasena immediately cut the string of his bow with a razor.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥