श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 129: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा कर्णकी पराजय  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  7.129.30 
किंचिद् विचलित: कर्ण: सुप्रहाराभिपीडित:।
आकर्णपूर्णमाकृष्य भीमं विव्याध सायकै:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
उस गहरे प्रहार से कर्ण थोड़ा विचलित हुआ, फिर उसने अपना धनुष कान तक खींचा और भीमसेन को अनेक बाणों से घायल कर दिया।
 
Karna became a little disturbed after being hit by that deep blow. Then he pulled his bow till his ear and pierced Bhimasena with many arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)