vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 129: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा कर्णकी पराजय
»
श्लोक 30
श्लोक
7.129.30
किंचिद् विचलित: कर्ण: सुप्रहाराभिपीडित:।
आकर्णपूर्णमाकृष्य भीमं विव्याध सायकै:॥ ३०॥
अनुवाद
उस गहरे प्रहार से कर्ण थोड़ा विचलित हुआ, फिर उसने अपना धनुष कान तक खींचा और भीमसेन को अनेक बाणों से घायल कर दिया।
Karna became a little disturbed after being hit by that deep blow. Then he pulled his bow till his ear and pierced Bhimasena with many arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×