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mahabharat 7.129.24-25: तब कर्ण ने भीमसेन पर बाणों की वर्षा करके उन्हें ढक लिया। कर्ण द्वारा बार-बार ढके जाने पर महारथी पाण्डवपुत्र भीमसेन ने कर्ण का धनुष मुट्ठी से काट डाला और मुड़े हुए सिरों वाले अनेक बाणों से उसे घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.129: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा कर्णकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 129: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा कर्णकी पराजय  »  श्लोक 24-25
 
 
श्लोक  7.129.24-25 
तं कर्णश्छादयामास शरव्रातैरनेकश:।
संछाद्यमान: कर्णेन बहुधा पाण्डुनन्दन:॥ २४॥
चिच्छेद चापं कर्णस्य मुष्टिदेशे महारथ:।
विव्याध चैनं बहुभि: सायकैर्नतपर्वभि:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
तब कर्ण ने भीमसेन पर बाणों की वर्षा करके उन्हें ढक लिया। कर्ण द्वारा बार-बार ढके जाने पर महारथी पाण्डवपुत्र भीमसेन ने कर्ण का धनुष मुट्ठी से काट डाला और मुड़े हुए सिरों वाले अनेक बाणों से उसे घायल कर दिया।
 
Then Karna showered a volley of arrows on Bhimasena and covered him. Being repeatedly covered by Karna, the mighty warrior Bhima, the son of Pandava, cut off Karna's bow from the fist and wounded him with many arrows having bent ends.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)