Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.129.22-23: राजन! तब महाधनुर्धर कर्ण ने चार बाण छोड़े। किन्तु भीमसेन ने अपनी भुजाओं की फुर्ती दिखाकर कर्ण के सभी बाणों को टुकड़े-टुकड़े कर दिया, जिनमें से अनेक बाणों के सिरे कर्ण तक पहुँचने से पहले ही मुड़ गए। | mahabharat अध्याय 7.129: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा कर्णकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! तब महाधनुर्धर कर्ण ने चार बाण छोड़े। किन्तु भीमसेन ने अपनी भुजाओं की फुर्ती दिखाकर कर्ण के सभी बाणों को टुकड़े-टुकड़े कर दिया, जिनमें से अनेक बाणों के सिरे कर्ण तक पहुँचने से पहले ही मुड़ गए।
King! Then the great archer Karna shot four arrows. But Bhimasena, showing the agility of his hands, broke all the arrows of Karna into pieces with many arrows having bent ends even before they could reach him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥