श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 129: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा कर्णकी पराजय  »  श्लोक 20-21h
 
 
श्लोक  7.129.20-21h 
तत: कर्णस्तु विंशत्या शराणां भीममार्दयत्॥ २०॥
विव्याध चास्य त्वरित: सूतं पञ्चभिराशुगै:।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् कर्ण ने बीस बाणों से भीमसेन को अत्यन्त घायल कर दिया, तत्पश्चात् तुरन्त ही उसके सारथि को पाँच बाणों से घायल कर दिया।
 
Thereafter Karna wounded Bhimasena deeply with twenty arrows. Then immediately he pierced his charioteer with five arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)