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mahabharat 7.129.17: उस रणभूमि में प्रायः सभी योद्धाओं के धनुष आदि अस्त्र-शस्त्र हाथ से छूटकर भूमि पर गिर पड़े। यहाँ तक कि अनेकों ने अपने प्राण भी गँवा दिए॥17॥   |   mahabharat अध्याय 7.129: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा कर्णकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 129: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा कर्णकी पराजय  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  7.129.17 
समरे सर्वयोधानां धनूंष्यभ्यपतन् क्षितौ।
शस्त्राणि न्यपतन् दोर्भ्य: केषांचिच्चासवोऽद्रवन्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
उस रणभूमि में प्रायः सभी योद्धाओं के धनुष आदि अस्त्र-शस्त्र हाथ से छूटकर भूमि पर गिर पड़े। यहाँ तक कि अनेकों ने अपने प्राण भी गँवा दिए॥17॥
 
In that battleground almost all the warriors' bows and other weapons fell from their hands and fell on the ground. Many even lost their lives.॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)