श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 129: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा कर्णकी पराजय  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  7.129.14 
ततस्तु सर्वयोधानां यततां प्रेक्षतां तदा।
प्रावेपन्निव गात्राणि कर्णभीमसमागमे॥ १४॥
 
 
अनुवाद
उस समय कर्ण और भीमसेन का युद्ध देख रहे सभी योद्धा विजय प्राप्ति के लिए प्रयत्नशील होकर शरीर से काँपने लगे।
 
At that time all the warriors watching the fight between Karna and Bhimasena began to tremble with their bodies, striving to achieve victory.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)