श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 129: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा कर्णकी पराजय  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.129.13 
तान् प्रत्यगृह्णात् कर्णोऽपि प्रतीपं प्रापयच्छरान्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
कर्ण ने भी उन बाणों को ग्रहण किया और विपरीत दिशा में बहुत से बाण छोड़े॥13॥
 
Karna too received those arrows and shot many arrows in the opposite direction.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)