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mahabharat 7.128.31: वहाँ पराक्रमी भीम ने महारथी अर्जुन को सिन्धुराज का वध करने के लिए तत्पर देखा।   |   mahabharat अध्याय 7.128: भीमसेनका द्रोणाचार्य और अन्य कौरव योद्धाओंको पराजित करते हुए द्रोणाचार्यके रथको आठ बार फेंक देना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनके समीप पहुँचकर गर्जना करना तथा युधिष्ठिरका प्रसन्न होकर अनेक प्रकारकी बातें सोचना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 128: भीमसेनका द्रोणाचार्य और अन्य कौरव योद्धाओंको पराजित करते हुए द्रोणाचार्यके रथको आठ बार फेंक देना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनके समीप पहुँचकर गर्जना करना तथा युधिष्ठिरका प्रसन्न होकर अनेक प्रकारकी बातें सोचना  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  7.128.31 
सोऽपश्यदर्जुनं तत्र युध्यमानं महारथम्।
सैन्धवस्य वधार्थं हि पराक्रान्तं पराक्रमी॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
वहाँ पराक्रमी भीम ने महारथी अर्जुन को सिन्धुराज का वध करने के लिए तत्पर देखा।
 
There the mighty Bhima saw the mighty warrior Arjuna ready to kill the King of Sindhu.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)