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mahabharat 7.128.3: उस समय आपके पुत्रों से प्रेरित होकर अनेक महाधनुर्धर राजाओं ने बड़े वेग से युद्धभूमि में भीमसेन को चारों ओर से घेर लिया।   |   mahabharat अध्याय 7.128: भीमसेनका द्रोणाचार्य और अन्य कौरव योद्धाओंको पराजित करते हुए द्रोणाचार्यके रथको आठ बार फेंक देना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनके समीप पहुँचकर गर्जना करना तथा युधिष्ठिरका प्रसन्न होकर अनेक प्रकारकी बातें सोचना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 128: भीमसेनका द्रोणाचार्य और अन्य कौरव योद्धाओंको पराजित करते हुए द्रोणाचार्यके रथको आठ बार फेंक देना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनके समीप पहुँचकर गर्जना करना तथा युधिष्ठिरका प्रसन्न होकर अनेक प्रकारकी बातें सोचना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.128.3 
तं मृधे वेगमास्थाय नृपा: परमधन्विन:।
चोदितास्तव पुत्रैश्च सर्वत: पर्यवारयन्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
उस समय आपके पुत्रों से प्रेरित होकर अनेक महाधनुर्धर राजाओं ने बड़े वेग से युद्धभूमि में भीमसेन को चारों ओर से घेर लिया।
 
At that time, inspired by your sons, many great archer kings, resorting to great speed, surrounded Bhimasena from all sides on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)