Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.128.28-29: उस समय कुन्तीपुत्र भीमसेन भोजवंशी सेना को पार करके, दर्धनों की विशाल सेना को पार करके तथा अनेक युद्ध-कुशल म्लेच्छों को पराजित करके, महारथी सात्यकि को शत्रुओं के साथ युद्ध करते देखकर, सावधान होकर अपने रथ पर तेजी से आगे बढ़े। | mahabharat अध्याय 7.128: भीमसेनका द्रोणाचार्य और अन्य कौरव योद्धाओंको पराजित करते हुए द्रोणाचार्यके रथको आठ बार फेंक देना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनके समीप पहुँचकर गर्जना करना तथा युधिष्ठिरका प्रसन्न होकर अनेक प्रकारकी बातें सोचना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय कुन्तीपुत्र भीमसेन भोजवंशी सेना को पार करके, दर्धनों की विशाल सेना को पार करके तथा अनेक युद्ध-कुशल म्लेच्छों को पराजित करके, महारथी सात्यकि को शत्रुओं के साथ युद्ध करते देखकर, सावधान होकर अपने रथ पर तेजी से आगे बढ़े।
At that time, Bhimasena, the son of Kunti, having crossed the army of the Bhoja dynasty, crossed the large army of the Dardans and having defeated many war-expert mlecchas, beholding the mighty car-warrior Satyaki fighting with the enemies, he advanced swiftly in his chariot, being cautious.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥