Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.128.20-21: उस समय गुरु द्रोण का उत्साह भंग हो गया। उन्हें उस अवस्था में देखकर भीमसेन पुनः बड़े वेग से आगे बढ़े और उनके रथ का धुरा पकड़ लिया। उन्होंने अत्यन्त क्रोधित होकर महारथी द्रोण को रथ सहित पुनः नीचे गिरा दिया। इस प्रकार भीमसेन ने मानो खेल-खेल में आठ रथों को गिरा दिया। | mahabharat अध्याय 7.128: भीमसेनका द्रोणाचार्य और अन्य कौरव योद्धाओंको पराजित करते हुए द्रोणाचार्यके रथको आठ बार फेंक देना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनके समीप पहुँचकर गर्जना करना तथा युधिष्ठिरका प्रसन्न होकर अनेक प्रकारकी बातें सोचना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय गुरु द्रोण का उत्साह भंग हो गया। उन्हें उस अवस्था में देखकर भीमसेन पुनः बड़े वेग से आगे बढ़े और उनके रथ का धुरा पकड़ लिया। उन्होंने अत्यन्त क्रोधित होकर महारथी द्रोण को रथ सहित पुनः नीचे गिरा दिया। इस प्रकार भीमसेन ने मानो खेल-खेल में आठ रथों को गिरा दिया।
At that time Guru Drona's enthusiasm was broken. Seeing him in that state, Bhima again moved forward with great speed and caught hold of the axle of his chariot and being very angry, he again threw that great warrior Drona along with the chariot. In this way, Bhimasena threw eight chariots as if playing a game.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥