Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.127.66: कुन्तीपुत्र भीमसेन ने हँसते हुए अपने बाणों से साथ आये हुए दोनों भाइयों विन्द और अनुविन्द को तथा आपके पुत्र सुवर्मा को भी यमलोक भेज दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.127: भीमसेनका कौरव-सेनामें प्रवेश, द्रोणाचार्यके सारथिसहित रथका चूर्ण कर देना तथा उनके द्वारा धृतराष्ट्रके ग्यारह पुत्रोंका वध, अवशिष्ट पुत्रोंसहित सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 127: भीमसेनका कौरव-सेनामें प्रवेश, द्रोणाचार्यके सारथिसहित रथका चूर्ण कर देना तथा उनके द्वारा धृतराष्ट्रके ग्यारह पुत्रोंका वध, अवशिष्ट पुत्रोंसहित सेनाका पलायन  »  श्लोक 66
 
 
श्लोक  7.127.66 
विन्दानुविन्दौ सहितौ सुवर्माणं च ते सुतम्।
प्रहसन्नेव कौन्तेय: शरैर्निन्ये यमक्षयम्॥ ६६॥
 
 
अनुवाद
कुन्तीपुत्र भीमसेन ने हँसते हुए अपने बाणों से साथ आये हुए दोनों भाइयों विन्द और अनुविन्द को तथा आपके पुत्र सुवर्मा को भी यमलोक भेज दिया।
 
Kunti's son Bhima, while laughing, sent with his arrows both the brothers Vind and Anuvind who had come together, as well as your son Suvarma, to Yamaloka.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)