श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 127: भीमसेनका कौरव-सेनामें प्रवेश, द्रोणाचार्यके सारथिसहित रथका चूर्ण कर देना तथा उनके द्वारा धृतराष्ट्रके ग्यारह पुत्रोंका वध, अवशिष्ट पुत्रोंसहित सेनाका पलायन  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  7.127.62 
अभयं रौद्रकर्माणं दुर्विमोचनमेव च।
त्रिभिस्त्रीनवधीद् भीम: पुनरेव सुतांस्तव॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद भीम ने पुनः तीन बाण चलाकर आपके तीनों पुत्रों - अभय, रौद्रकर्मा तथा दुर्विमोचन (दुर्विरोचन) को मार डाला।
 
After this Bhima again shot three arrows and killed your three sons - Abhaya, Raudrakarma and Durvimochan (Durvirochan).
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)