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mahabharat 7.127.59: आपके पुत्र के द्वारा निर्देशित उस महान् बल को अपनी ओर आते देख भीमसेन ने उसके दो टुकड़े कर दिए। यह एक आश्चर्यजनक बात थी।   |   mahabharat अध्याय 7.127: भीमसेनका कौरव-सेनामें प्रवेश, द्रोणाचार्यके सारथिसहित रथका चूर्ण कर देना तथा उनके द्वारा धृतराष्ट्रके ग्यारह पुत्रोंका वध, अवशिष्ट पुत्रोंसहित सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 127: भीमसेनका कौरव-सेनामें प्रवेश, द्रोणाचार्यके सारथिसहित रथका चूर्ण कर देना तथा उनके द्वारा धृतराष्ट्रके ग्यारह पुत्रोंका वध, अवशिष्ट पुत्रोंसहित सेनाका पलायन  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  7.127.59 
आपतन्तीं महाशक्तिं तव पुत्रप्रणोदिताम्।
द्विधा चिच्छेद तां भीमस्तदद्भुतमिवाभवत्॥ ५९॥
 
 
अनुवाद
आपके पुत्र के द्वारा निर्देशित उस महान् बल को अपनी ओर आते देख भीमसेन ने उसके दो टुकड़े कर दिए। यह एक आश्चर्यजनक बात थी।
 
Seeing that great force coming towards him, directed by your son, Bhimasena broke it into two pieces. That was an astonishing thing. 59.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)