Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.127.46: तुम्हारा छोटा भाई अर्जुन मेरी अनुमति से इस सेना में प्रवेश कर चुका है। यदि तुम चाहो तो तुम भी उसी मार्ग से जा सकते हो; अन्यथा तुम मेरी इस सेना-संगठन में प्रवेश नहीं कर सकोगे॥॥46॥ | mahabharat अध्याय 7.127: भीमसेनका कौरव-सेनामें प्रवेश, द्रोणाचार्यके सारथिसहित रथका चूर्ण कर देना तथा उनके द्वारा धृतराष्ट्रके ग्यारह पुत्रोंका वध, अवशिष्ट पुत्रोंसहित सेनाका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि ते सोऽनुज: कृष्ण: प्रविष्टोऽनुमते मम।
अनीकं न तु शक्यं मे प्रवेष्टुमिह वै त्वया॥ ४६॥
अनुवाद
तुम्हारा छोटा भाई अर्जुन मेरी अनुमति से इस सेना में प्रवेश कर चुका है। यदि तुम चाहो तो तुम भी उसी मार्ग से जा सकते हो; अन्यथा तुम मेरी इस सेना-संगठन में प्रवेश नहीं कर सकोगे॥॥46॥
Your younger brother Arjuna has entered this army with my permission. If you wish, you may also go in the same way; otherwise you will not be able to enter this array of armies of mine.'॥ 46॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥