Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.127.31: कुंतीपुत्र भीम अपने हाथों से धनुष की डोरी खींचते, उसे कान तक कसते, बाणों की वर्षा करते, शत्रुओं को घायल करते, उनके अंग तोड़ते और फिर सेना के अग्रभाग को कुचल देते। | mahabharat अध्याय 7.127: भीमसेनका कौरव-सेनामें प्रवेश, द्रोणाचार्यके सारथिसहित रथका चूर्ण कर देना तथा उनके द्वारा धृतराष्ट्रके ग्यारह पुत्रोंका वध, अवशिष्ट पुत्रोंसहित सेनाका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुंतीपुत्र भीम अपने हाथों से धनुष की डोरी खींचते, उसे कान तक कसते, बाणों की वर्षा करते, शत्रुओं को घायल करते, उनके अंग तोड़ते और फिर सेना के अग्रभाग को कुचल देते।
Bhima, the son of Kunti, would pull the bowstring with his own hands, pull it tight till the ear, shower arrows and wound the enemies, breaking their limbs and then crush the front of the army.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥